गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(StateTv24) : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों और सख्त नियमों को ताक पर रखकर जिले में रेत माफिया बेखौफ अपनी जेबें भरने में लगे हैं। मानसून के दौरान नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और जलीय पारिस्थितिकी को बचाने के लिए NGT द्वारा रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है। इसके बावजूद विकासखंड मरवाही की ग्राम पंचायत अमेराटीकरा में भारी बारिश और उफनते नदी-नालों के बीच धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है।
नियम-कानून दरकिनार, पर्यावरण पर मंडराया संकट :-
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, तेज बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव बेहद तेज और खतरनाक बना हुआ है। इसके बावजूद जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी है। NGT के स्पष्ट आदेश हैं कि बारिश के मौसम में नदी-नालों के गर्भ से बालू का उठाव पर्यावरण के लिए बेहद विनाशकारी है, लेकिन अमेराटीकरा में माफिया इन नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। लगातार हो रहे इस अवैध उत्खनन से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और तटीय इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है।
खनिज विभाग की चुप्पी पर सवाल :-
एनजीटी के नियमों की खुलेआम उड़ती धज्जियों के बाद भी खनिज विभाग का रवैया बेहद सुस्त नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। जब कानूनन बारिश के दिनों में रेत उत्खनन और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो फिर अमेराटीकरा में सरेआम ट्रैक्टरों से रेत की सप्लाई किसके सह पर की जा रही है?
कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की गुहार :-
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और खनिज विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अमेराटीकरा क्षेत्र में मौके पर जांच टीम भेजकर अवैध परिवहन में शामिल ट्रैक्टरों को जब्त किया जाए और NGT नियमों के उल्लंघन तथा पर्यावरण क्षति अधिनियम के तहत दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि NGT के आदेशों की अवहेलना करने वाले रेत माफियाओं पर जिला प्रशासन का डंडा चलता है या खनिज विभाग की मेहरबानी यूं ही बरकरार रहती है।















