मिडिल स्कूल सकोला में पदस्थ शिक्षिका की कोडगार विकासखंड में तैनाती पर सवाल, छात्रावास संचालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर उठी चिंताएं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।(STATETV24) : जिले में शिक्षा विभाग के छात्रावासों के संचालन और अधीक्षक व्यवस्था को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार मिडिल स्कूल सकोला में पदस्थ एक शिक्षिका को कोडगार विकासखंड में करीब 30-35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित 100 सीटर छात्रावास की अधीक्षिका की जिम्मेदारी दी गई है। सवाल यह है कि जब संबंधित शिक्षिका का मूल पदस्थापन मिडिल स्कूल सकोला में है और छात्रावास दूसरी जगह स्थित है, तो इतनी दूरी से छात्रावास की दैनिक निगरानी, विद्यार्थियों की सुरक्षा, उपस्थिति, भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं तथा अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नियमित संचालन किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है?
100 छात्रों की जिम्मेदारी, लेकिन निगरानी कितनी नियमित? :-
100 सीटर छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के रहने की स्थिति में अधीक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में विभाग द्वारा दूरस्थ स्थान पर पदस्थ शिक्षिका को छात्रावास की जिम्मेदारी दिए जाने से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मौके पर नियमित उपस्थिति और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है? स्थानीय स्तर पर इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
आदेश और नियमों की भी हो जांच :-
मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित शिक्षिका को छात्रावास अधीक्षिका का प्रभार किस आदेश के तहत और किन परिस्थितियों में दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रावास अधीक्षक की जिम्मेदारी के लिए विभागीय स्तर पर निर्धारित नियमों एवं उपस्थिति संबंधी प्रावधानों का पालन किया गया है या नहीं। यह व्यवस्था छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ा गंभीर प्रशासनिक विषय बन सकता है।














