11.79 लाख का आंगनबाड़ी भवन दो साल से अधूरा, दरवाजे-खिड़कियां खराब होने की कगार पर; पंचायत की कार्यशैली पर सवाल
पोड़ीउपरोड़ा। ग्राम पंचायत तुमान में करीब 11.79 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन करीब दो साल से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के कारण भवन का तैयार हिस्सा भी अब बदहाल होने लगा है और दरवाजे-खिड़कियां खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।
सरकारी राशि से बनने वाला भवन यदि दो साल बाद भी नौनिहालों के उपयोग में नहीं आ सका, तो आखिर निर्माण कार्य क्यों रुका और इसकी निगरानी किस स्तर पर हुई, यह बड़ा सवाल बन गया है।
सवाल पूछने पर पंचायत की चुप्पी?
मामले को लेकर जब ग्राम पंचायत तुमान की सरपंच से निर्माण कार्य की स्थिति और देरी का कारण जानने के लिए जानकारी मांगी गई, तो उनके द्वारा मीडिया को जानकारी देने से इनकार करते हुए कथित तौर पर कहा गया कि “मैं अपने अधिकारी सीईओ पोड़ीउपरोड़ा को जानकारी दे चुकी हूं।” बातचीत के दौरान जनपद सदस्य चतुर्भुवन नायक से बात कराने की बात भी सामने आई।
हालांकि, पंचायत की ओर से निर्माण की वास्तविक स्थिति, कार्य बंद होने का कारण, अब तक खर्च हुई राशि और काम पूरा करने की समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अब जांच की जरूरत
भवन लंबे समय से अधूरा होने के कारण यह सवाल भी उठ रहा है कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी ने अब तक कितनी बार मौके का निरीक्षण किया? काम पूरा कराने के लिए क्या निर्देश दिए गए? और यदि निर्माण में देरी हुई है तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय की गई?
आंगनबाड़ी भवन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित स्थान, प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और खेल-कूद जैसी मूल11.79 लाख का आंगनबाड़ी भवन दो साल से अधूरा, दरवाजे-खिड़कियां खराब होने की कगार पर; पंचायत की कार्यशैली पर सवाल ग्राम गर्मभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन भवन अधूरा रहने से इन सुविधाओं का लाभ प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—11.79 लाख रुपये की स्वीकृति के बावजूद करीब दो साल से भवन अधूरा क्यों है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता, खर्च हुई राशि, कार्य की प्रगति और देरी के कारणों की जांच करें तथा जिम्मेदारी तय करते हुए भवन का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए।













