फिर एक हादसा, फिर दूसरा सवाल—कुआं धंसा तो मलबे में दब गई सुरक्षा व्यवस्था?
कोरबा। श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम गुरमा में पानी निकालने के दौरान अचानक कुआं धंसने से बुजुर्ग ग्रामीण सोनसाय मलबे में दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, DDRF और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। दो JCB की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। फिलहाल बुजुर्ग की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि सोनसाय पड़ोसी के कुएं से पानी निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान कुएं की मिट्टी अचानक भरभराकर धंस गई और वे मलबे में दब गए। रेस्क्यू टीम द्वारा बड़ी मक्कस्त के बाद मलबा हटाकर सोनसाय के शव को निकाल लिया गया
पोड़ी उपरोड़ा के बनवार की घटना के बाद श्यांग थाना के गुरमा के बड़ा हादसा ने फिर खड़े किए सवाल
गुरमा की घटना ने पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत खोडरी बनवार में हुए पूर्व कुआं हादसे की याद फिर ताजा कर दी है, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी।
उस हादसे के बाद कुआं निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब गुरमा में दोबारा कुआं धंसने की घटना ने यह सवाल सामने ला दिया है कि क्या पिछले हादसे से प्रशासन ने कोई ठोस सबक लिया?
अगर गुरमा का कुआं किसी शासकीय योजना या हितग्राही मूलक योजना के तहत निर्मित है, तो निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी स्वीकृति, स्थल निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच का रिकॉर्ड क्या कहता है? यह जांच का विषय है।
हादसा सिर्फ कुआं धंसने का नहीं, बल्कि निगरानी पर भी बड़ा सवाल उठ रहा है
कहीं ऐसा न हो बनवार कुआं हादसा की तरह गुरमा की हादसा भी फाइलों में दब कर रह न जाए
ग्रामीणों की निगाहें अब कुआं धसने के कारण की जाँच की कार्यवाही में टिकी हुई है













