कोरबा/पसान : प्रकृति की निस्वार्थ सेवा और वन संरक्षण के प्रति अटूट समर्पण की एक खूबसूरत मिसाल कटघोरा वनमण्डल के वनपरिक्षेत्र पसान में देखने को मिली है। जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च जिम्मेदारी मानकर पूरी ईमानदारी से ड्यूटी निभाने वाले वन विभाग के सजग प्रहरी, ईश्वरदास मानिकपुरी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने उन्हें प्रशंसा प्रमाण पत्र सौंपकर उनके इस निस्वार्थ जज्बे को सराहा।
समर्पण की सुखद परिणति :-
ईश्वरदास मानिकपुरी ने अवैध कटाई रोकने, वन्यजीवों के शिकार पर अंकुश लगाने और प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने में जो उल्लेखनीय योगदान दिया है, यह सम्मान उसी का परिणाम है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के पावन अवसर पर भी वनमंडल अधिकारी, कटघोरा द्वारा उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जा चुका है। लगातार मिल रहे ये सम्मान, विभाग का उन पर बढ़ते विश्वास और उनके काम के प्रति अथाह प्रेम का प्रमाण हैं।
सहयोगियों के उत्कृष्ट योगदान की भी हुई सराहना :-
प्रकृति को सहेजने की इस मुहिम में ईश्वरदास अकेले नहीं हैं। विभागीय कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले और बेहतरीन योगदान देने वाले उनके कर्मठ सहयोगी— विशाल वाकरे, सृजन यादव और भीम सिंह को भी इस समारोह में सम्मानित किया गया। इन सभी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर एक आदर्श प्रस्तुत किया है।
समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश :-
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों के बीच एक बेहद सार्थक और गहरा संदेश भी साझा किया गया “जंगल और पर्यावरण की रक्षा केवल वन विभाग की ही नहीं, बल्कि हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।” एक ओर जहां कर्तव्यों की अहम जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर हौसला बढ़ाता यह सम्मान ईश्वरदास मानिकपुरी और उनके साथियों की यह मेहनत निश्चित रूप से समाज को प्रकृति के करीब लाने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करेगी। सेवा और समर्पण की यह सकारात्मक मिसाल आने वाले समय में कई और पर्यावरण प्रहरियों को जन्म देगी।















