गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : प्रदेश में भले ही भाजपा की सरकार है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के मुद्दे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अब खुद सत्ताधारी दल भाजपा के पदाधिकारी और पार्षद को भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ रहा है। नगर पंचायत मरवाही में चल रहे निर्माण कार्यों में धांधली और गुणवत्ताहीनता का आरोप लगाते हुए, भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री और पार्षद अमर गुप्ता जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं।
डेढ़ साल से काट रहे थे विभागों के चक्कर:
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पार्षद अमर गुप्ता पिछले डेढ़ साल से इन भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। सत्ताधारी पार्टी (भाजपा) का पदाधिकारी और चुना हुआ जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सिस्टम की इस लेट-लतीफी और अनदेखी से परेशान होकर उन्हें मजबूरन धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरने और शिकायत की प्रमुख बातें:
भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का आरोप: अमर गुप्ता का आरोप है कि नगर पंचायत मरवाही क्षेत्र में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों में तय मापदंडों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें भारी कमीशनखोरी हो रही है।
अधिकारियों की अनदेखी: डेढ़ साल तक लगातार शिकायत करने और विभागों के चक्कर लगाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
निष्पक्ष जांच की मांग: कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठे अमर गुप्ता ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।














