बरबसपुर में इरकॉन से जुड़े रेल कॉरिडोर में 6.5 टन रेलवे पटरी बरामद, मुख्य आरोपी फरार; 24 घंटे बाद भी कंपनी की रिपोर्ट दर्ज क्यों नही कराई,उठे सवाल
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। कोरबा रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य से जुड़ी इरिकॉन (IRCON) परियोजना में करीब 6.5 टन रेलवे पटरी बरामद होने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जटगा चौकी पुलिस ने बरबसपुर स्थित एक किराए के मकान से करीब 6,480 किलोग्राम वजन की 36 नग कटी हुई रेल पटरी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार मकान राजू कुमार ने किराए पर लिया था। बताया जा रहा है कि वह रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य से जुड़ी एक निजी कंपनी में काम करता था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही राजू कुमार मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने मौके से चार ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर, घरेलू गैस सिलेंडर, अन्य सामान और स्वराज माजदा वाहन क्रमांक CG 12 AP 0702 जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि रेल सामग्री को गैस कटर से काटकर वहां रखा गया था और आगे उसे कहीं ले जाने या खपाने की तैयारी हो सकती थी।
24 घंटे बाद भी कंपनी की ओर से चोरी की रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई
मामले का सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि यदि बरामद रेल पटरी निर्माणाधीन रेल परियोजना की संपत्ति है और इसके चोरी होने की पुष्टि होती है, तो घटना सामने आने के करीब 24 घंटे बाद भी संबंधित कंपनी की ओर से चोरी की रिपोर्ट या शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं?
यदि कंपनी को अपने स्टॉक से रेल पटरी कम होने की जानकारी थी, तो इसकी सूचना कब मिली? कंपनी ने अपने स्तर पर क्या जांच की? सामग्री के स्टॉक और साइट रिकॉर्ड का मिलान किया गया या नहीं? और यदि चोरी की जानकारी पुलिस कार्रवाई के बाद सामने आई, तो इसकी वजह क्या रही?
इन सवालों का जवाब संबंधित कंपनी और परियोजना प्रबंधन की ओर से सामने आना बाकी है।













