गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जनसेवा को अपना प्राथमिक दायित्व और सामाजिक सरोकार मानते हुए भाजपा जिला मंत्री एवं मरवाही जनपद पंचायत की सदस्य किशमिश भानु ने अपना जन्मदिन एक अनूठे और प्रेरणादायी अंदाज में मनाया। उन्होंने अपने जनपद क्षेत्र क्रमांक-14 के दूरस्थ और पिछड़े वनांचल क्षेत्र अखराडांड पहुंचकर, धनुहार और बैगा जनजाति के जरूरतमंद परिवारों के साथ समय बिताया और सेवा कार्य किया।
दुर्गम क्षेत्र में जाकर बांटे राशन, कपड़े और राखी
अखराडांड क्षेत्र आज भी सड़क, शिक्षा और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। बरसात के मौसम में यहां पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर किशमिश भानु ने परिवारों की सुध ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को कपड़े और परिवारों को सूखा राशन वितरित किया। आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए परिवारों को राखी और मिठाई भी बांटी गई, ताकि वे भी त्योहार की खुशियों में पूरी तरह शामिल हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी बुनियादी समस्याओं को भी करीब से समझा।
”जनसेवा की भावना मुझे परिवार से मिली है”
इस अवसर पर किशमिश भानु ने कहा, “मेरे लिए जन्मदिन केवल व्यक्तिगत खुशी का दिन नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का एक बड़ा अवसर है। राजनीति में मुझे भले ही अधिक समय नहीं हुआ है, लेकिन मेरे पिता लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहे हैं। जनसेवा की यह भावना और प्रेरणा मुझे अपने परिवार से ही मिली है।”उन्होंने बताया कि पहले वह अपना जन्मदिन सामान्य रूप से पूजा-पाठ करके मनाती थीं, लेकिन जनप्रतिनिधि बनने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इसे समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों के बीच मनाना अधिक सार्थक है।समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले परिवारों तक पहुंचकर उनकी छोटी-छोटी खुशियों में शामिल होने का किशमिश भानु का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी इस पहल ने यह सकारात्मक संदेश दिया है कि व्यक्तिगत उत्सवों को सामाजिक सरोकार से जोड़कर कैसे अधिक सार्थक बनाया जा सकता है।















